छत्तीसगढ़
नाबालिग को जबरन शराब पिलाकर देह व्यापार में ढकेला, 3 आरोपी गिरफ्तार
Shantanu Roy
15 Sept 2025 9:28 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग लड़की को उसकी सहेली और सहेली की मां द्वारा जबरन शराब पिलाकर देह व्यापार में धकेलने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने न केवल अपराध की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि भरोसे और दोस्ती का नाम लेकर किस तरह से एक मासूम का शोषण किया गया। मामले का खुलासा होते ही सरकंडा पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीड़िता को रेस्क्यू कर लिया और आरोपीयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है।
घरेलू विवाद से भागी थी नाबालिग
8 अगस्त को एक महिला ने सरकंडा थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसकी नाबालिग बेटी घरेलू विवाद से नाराज होकर घर से लापता हो गई है। शिकायत में अपहरण की आशंका जताई गई थी। पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी।
सहेली और उसके परिजनों ने दिया झांसा
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया। पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि घर छोड़ने के बाद वह अपनी सहेली के पास गई थी। सहेली और उसकी मां ने उसे पहले तो आश्रय दिया, फिर रायगढ़ ले जाकर एक कमरे में कैद कर दिया। यहां उसे जबरन शराब पिलाई जाती थी। इसके बाद उसे अलग-अलग पुरुषों के साथ भेजा जाता था। विरोध करने पर उसे धमकाया जाता और मारपीट की जाती थी। पीड़िता ने बताया कि उसकी सहेली और उसकी मां के साथ-साथ विकास भोजवानी नामक व्यक्ति भी इसमें शामिल था। पुलिस पूछताछ में पीड़िता ने स्पष्ट बताया कि यह गिरोह पहले से सक्रिय था और इसी तरह अन्य लड़कियों को भी फंसाया जाता था।
आरोपी गिरफ्तार
सरकंडा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों कलिका तिवारी, तान्या सूर्यवंशी और विकास भोजवानी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। साथ ही दो नाबालिग लड़कियों को हिरासत में लेकर परामर्श दिया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि विकास भोजवानी के खिलाफ पहले भी पिटा एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है। पुलिस अब गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश कर रही है।
थाना प्रभारी का बयान
सरकंडा थाना प्रभारी नीलेश पाण्डेय ने बताया कि “मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच की जा रही है। पीड़िता की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है और गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। आरोपी पहले से अपराध में लिप्त थे, ऐसे में पूरे नेटवर्क को तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है।”
कानूनी कार्रवाई और आगे की योजना
पुलिस ने आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके साथ ही पॉक्सो एक्ट, मानव तस्करी और पिटा एक्ट के तहत भी अपराध दर्ज किया गया है। पीड़िता को मेडिकल जांच और परामर्श सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुलिस प्रशासन ने कहा है कि नाबालिगों के साथ अपराध करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि विश्वास का दुरुपयोग किस प्रकार से अपराध में बदल सकता है। घरेलू विवाद या पारिवारिक समस्याओं से परेशान होकर बच्चे यदि घर छोड़ते हैं तो उन्हें अपराधी गिरोह आसानी से फंसा सकते हैं। ऐसे में परिवारों को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
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